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चलो बैठौनी कारवाजाय । Ajay Pandey

चलो बैठौनी कारवाजाय । ( अवधी कविता)

बर्धान कय नाधिकय लावाजाय । खेत जोतिकय बनावाजाय । हेङ्ग वहिपा चालवाजाय । बिया फिर गिरावाजाय । चलो बैठौनी कारवाजाय । खाद खेतेमे गिरावाजाय । लेवा फिर कहरावाजाय । बियाकय उखाराजाय । बोझा वोका बनावाजाय । धईकय मुडीपे पहुचावाजाय । सबजनी मिलिकय बैठावाजाय ।...

uth pyare chal jaag uth- ajay pandey

उठ प्यारे चल जाग उठ

उठ प्यारे चल जाग उठ क्यों बिचारण में है तू अमुख जिसको तु समझें है सुख वो तो है केवल मीठा दुःख बन मधुमख्खी सा कर्म प्रमुख क्यों स्वप्न में सदैब खोया रहेता जीवनके मीठे झूठको सहेता बन शून्य क्यों तु शून्य में डूबा भिक्छुक तु ही तो है जो चीरे भूख बन...

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“कुटिया कै लक्ष्मी पुजा ( अवधी ) । अजय पाण्डेय” is locked कुटिया कै लक्ष्मी पुजा ( अवधी ) । अजय पाण्डेय ( Ajay Pandey Nepal)

कुटिया कै लक्ष्मी पुजा ( अवधी ) । अजय पाण्डेय

सबकेहू लक्ष्मी माई कै अगुवानी मे लगा है | हर गवाँ चौराहा पे माई कै मुर्ति खुब सजा है | होइ सबकुछ मंगल अव सुख कय होइंहै बौछार सब कै हृदय मे इहय  अभिलास आव विश्वास भरा है । हमरी कुरियामा कै ज्योति चलगई उंची महलनमा कैसै कहीं हम्मै तो खेते कै चिन्ता...

Ajay Pandey